Home
» indian sex story
» sexy
» नयी नवेली शादी और मैंने चोद के उसे दी आज़ादी || Nai Naveli Shadi Or Mene Choda Use Di Azadi
नयी नवेली शादी और मैंने चोद के उसे दी आज़ादी || Nai Naveli Shadi Or Mene Choda Use Di Azadi
मैंने कैसे अपनी क्लास में पढ़ रही लड़की को पटा कर चोदा ये मैं आपको कहानी के माध्यम से बताता हूँ |
दोस्तों मेरा नाम अभिलाष पाण्डेय है मैं जबलपुर जिले का रहने वाला हूँ और मैं ग्रेजुएशन हो चूका है मैं २४ साल का हूँ और अभी एस एस सी की तयारी कर रहा हूँ | अब मैं अपनी स्टोरी में आता हूँ बात दो पिछले महीने की है मैं एस एस सी की क्लास ज्वाइन की है | मैं सेंटर पर अकेला गया था और वहां मैं किसी को नहीं जानता था | मैं रोज सुबह सबसे जल्दी जाता हूँ सेंटर पर दुसरे दिन एक लड़की नेहा बदला हुआ नाम है जो २७ साल की है मैरिड है, वहां पर हमारे बैच में ही आई उसका भी न्यू ज्वाइन था | वो दिखने में एक दम भरे बदन की लड़की थी , मैं क्या हर कोई उसको सिर्फ चोदने की सोचता है | किसी का भी पढाई में मन नहीं लग रहा था यहाँ तक की सर भी देख के हैरान रह गए और हवस भरी निगाहो से देख रहें थे | उसके बहुत बड़े दूध थे और गोल सी गांड थी फिर उसे ही देखने के लिए सब जल्दी आ जाते थे सेंटर और बहार खड़े रहते थे | उसको उसका पति छोड़ने आता था और मैं उसे गुड मोर्निंग करता था लेकिन कहानी आगे बढ़ नहीं रही थी |
loading...
मैं सेंटर के टीचर के साथ काफी फ्रैंक था इसलिए मैंने उसे बता दिया की मैं उसे लाइक करता हूँ l लेकिन टीचर ने बोला बेटा यह ठीक नहीं है वो लड़की बहुत सुंदर है वो बहुत भाव खाएगी इसलिए मैं भी उसे ज्यादा बात नहीं करता बस अपने काम से काम रखता हूँ बस |
फिर भी मेरा दिल नहीं मान रहा था ऐसे ही धीरे धीरे टाइम बीतता जा रहा था और हमारा बेच ख़त्म हो गया और उसके बाद मेरा दिल और तड़पने लगा | फिर मैंने उसे फेसबुक पर सर्च किया और मैंने फ्रेंड रिकवेस्ट भेजी लेकिन फिर भी मेरी किस्मत इतनी ख़राब थी की दो महीने तक कोई आंसर नहीं आया |
फिर उसने एक दिन मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली यह दखकर मेरा दिल बहुत खुश था लेकिन मैंने उसे मेसेज नहीं किया नहीं तोह उसके भाव बढ़ जाते |
फिर दुसरे दिन उसका मेसेज आया और फिर धीरे धीरे हमारी बात होने लगी और में बहुत खुश था लेकिन् मेरे पास उसका मोबाइल नंबर नहीं था | बस फेसबुक पर बात होती थी फिर एक दिन उसने मुझसे खुद कहा कि अपना नंबर तो देदो यार | मेरे मन में तो लड्डू फूट रहे थे क्यूंकि जो में चाहता था बिलकुल वैसा ही हो रहा था | अब डर कैसा ? मैंने तुरंत उसे अपना नंबर दे दिया और कहा सुनो ! मुझे रात में ही फोन करना | उसने भी जोश में कह दिया क्यों डरते हो क्या ? मैंने कहा नहीं यार चलो जब तुम चाहो तब कर लेना | क्यूंकि बड़ी मुश्किल कोई हाथ आई है और मैं उसे ऐसे ही जाने नहीं दूंगा | ये साड़ी बातें करके मैं सोने चला गया |
अगले दिन में काम कर रहा था पर मेरा पूरा ध्यान अपने फ़ोन पर ही था | अब हुआ यह कि दो बजे जब मैं घर में सबके साथ खाना खाता हूँ तभी मेरा फोन बजा और में सब कुछ छोड़ के अपने फोन को लेने दौड़ पड़ा | सारे लोग ये देखकर हैरान थे क्यूंकि आज तक इतना उतावलापन मेरे अन्दर कभी नहीं था और मैं तो बस पागल हुआ जा रहा था | उसने मुझे फ़ोन पर कहा इतना कांप क्यों रहे हो खा नहीं जाउंगी तुमको | मैंने कहा यार आज पहली बार मैंने खाना छोड़ा है तुमको क्या पता क्या हाल हो रहा है मेरा | वो बोली डर मत प्यार में सब पहली बार ही होता है और यहाँ वह की बातें करके फोन रख दिया | में समझ नहीं पा रहा था की ये चाहती क्या है न तो खुल के कुछ बोलती है न ही मन करती है | आखिर माजरा है क्या !
यह सब सोचकर पूरा दिन निकल गया अगले दिन फिर उसी टाइम पे उसका फोन आया | इस बार में चौकन्ना था इसलिए खाना पहले ही खा लिया था | अब बोली क्यों आज कांपना बंद हो गया तेरा | मै बोला हाँ मैंने खाना पहले ही खा लिया था | तो उसने कहा क्या बात है एक शादीशुदा लड़की के लिए इतना प्यार सही जा रहे हो जनाब ! धीरे धीरे समय बीता अब वो खुल रही थी और मुझे कहा क्यों कंजूस अब तेरी एक गर्लफ्रेंड है उसे घुमाने नहीं ले जाएगा | मैंने कहा यार बोल तो सही में तो कब से सोच रहा हूँ इस बारे में | तो जानेमन अपनी बात का इज़हार भी तो करो | उसने कहा मुझे वो लोग अच्छे लगते हैं जो अपनी बात खुल के कहते हैं |
मैंने उसी दिन नए कपडे लिए और नया परफ्यूम भी लिया | मैं सब के लिए तैयार हा और इंतज़ार था तो बस अगले दिन का | वो रात कितनी भारी थी में ही जानता हूँ क्यूंकि मुझे नींद ही नहीं आई | अगले दिन की सुबह उसका फोन आया और वो बोली तो क्या आप तैयार हैं ? मैंने कहा जी में बिलकुल तैयार हूँ | उसने कहा तो चलो मुझे किसी अच्छे से कॉफ़ी शॉप पे ले चलो | मैंने कहा ठीक है मुझे कहा मिलोगी | दोस्तों मैं एक रहीस खानदान से हूँ तो मुझे पेसे की को दिक्कत नहीं है| मैंने अपनी कार निकली और चल पड़ा अपनी मंजिल की तरफ जो की नेहा की चूत थी | मुझे मेरी मंजिल साफ़ नज़र अ रही थी और में ये भी जनता था कि बस एक हफ्ते यह मेरे साथ रहले और बस में सब सेट कर दूंगा | पर जेसे ही में उससे मिलने गया उसने मुझे देखा और कहा वाह ! कार से पर सेंटर पर तो कभी नहीं आये ऐसे | मैंने कहा हाँ में दिखावा नहीं करता और वो इम्प्रेस हो गई |
उसने कहा बोहत कम लड़के होते हैं ऐसे और एक मेरा पति है | इतना कहके वो रुक गयी और बोली चलो कॉफ़ी पीने | अब तो अपना आत्मविश्वास आसमान फाड़ चुका था मैंने भी कहा चलो बेबी | उसने मुझे मुस्कुरा के देखा और कहा वाह जनाब के तेवर ही बदल गये | फिर कॉफ़ी पीते पीते हमने कई बातिएँ की और फिर घर आ गये | मुझे इतना पता चल चुका था की लड़की अपनी शादीशुदा जिंदगी में खुश नहीं है | उसी रात उसका फोन आया और उसने कहा यार सॉरी मुझे माफ़ कर दे | मुझे लगा कही जा तो नहीं रही है और रोटी हुई आवाज़ में पूछा क्या हुआ बेबी | उसने कहा यार तो अच लड़का हैं में तुझे गलत समझती थी इसलिए ऐसा किया तेरे साथ | मैंने भी कहा पागल है क्या | और उसने मुझे बताया की वो बीमार है फिर भी उसका पति कहीं बहार जा रहा है | मैंने कहा ठीक हा वो आज रात को जा रहा है और कल सुबह मैं आ जाऊंगा तेरा ख्याल रखने के लिए | लड़की पट चुकी थी बारी थी चुदाई की और मैंने कंडोम ले लिए थे |
अगले दिन मैं गया वो रूम में थी और मैंने उसे कहा अब मैं आ गया हूँ न डर मत | मैंने उसके लिए चाय और नाश्ता और उसे दवाई खिला के सुला दिया | जब वो उठी तो मुझे गले लगा लिया और बोली मेरी जान पहले क्यों नहीं मिले मुझे और चूमने लगी | मुझे मज़ा आया तो मैंने भी उसे जोर जोर से चूमना शुरू कर दिया और उसके बड़े दूध के ऊपर हाथ फेरने लगा | उसने कहा पागल उतार के करले अब से सब तेरा ही है | मुझे तो जेसे जन्नत मिल गयी थी | मैंने भी अपने कपडे उतारे और उसको भी नंगा किया और पहले तो उसके मखमली नंगे बदन को देखा | फिर चूमा और उसके बड़े दूध चूसने लगा | उसके बाद मुझे उसकी गांड चाटने मन हुआ तो मैंने उसकी गोरी गांड अन्दर तक चाटी | वो ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ आआअह्ह्ह्ह जैसी आवाज़े निकल रही थी | उसने मेरा मुंह उठाया और अपनी सपाट चूत पे रख दिया | ऊउम्मम्म इसे चाटो न जान ! मैंने भी दो उँगलियों से उसकी चूत को फैलाया और लपक के चाटा |
अब तो वो और जोर से आवाज़े कर रही थी | ऊओह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ जब उसका रस निकलने लगा तो ऊऊऊऊईईईईइमा करके झड गयी और बोली अब लंड को पेल दो इसमें | मैंने भी उसकी चूत पे लंड रखा और अन्दर तक पेल दिया और आआअह्ह्ह्ह करके चिल्ला पड़ी | फिर मैंने जोर जोर से अन्दर बहार किया और दस बारह झटके मारके में भी झड गया | मैंने कंडोम पहना था पर लंड अभी भी खड़ा तो मैंने इस बार मैंने बिना कंडोम के उसे एक घंटे तक चोदा | इतना चोदा की वो मस्त हो गई और नौ महीने बाद मेरे बच्चे को जन्म दिया | उसके पति को यह भी नहीं पता की में आज भी उसे चोदता हूँ |
...
Tags
indian sex story,
sexy


Post a Comment
आपको हमारी वेबसाइट / ब्लॉग के लेख कैसे लगे इस बारे में कमेंट के माध्यम से बताएं