पापा की मालिश
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रूपाली है और आज तो में फिलहाल एक घमासान स्टोरी आप सबको बताती हूँ, जो कि एक अंकल की है। हाँ तो दोस्तों ये कहानी 42 साल के एक अंकल की है, जिनकी एक 16 साल की लड़की और एक 19 साल लड़का का है और उनकी वाईफ बहुत ही खूबसूरत और सेक्स के मामले में हर तरह से वो अपनी वाईफ से खुश रहते थे। फिर एक दिन वो ब्लू फिल्म लाए, जिसमें 18 साल की लड़की बहुत अवाजों के साथ अपनी चूत में लंड डलवा रही थी। अब वो अपनी वाईफ के साथ बी एफ देख रहे थे और उसके बाद उन दोनों ने चुदाई भी की, लेकिन अंकल यानि कि अब माधव के दिल में कहीं ना कहीं ये बात जम गयी थी कि किसी कम उम्र वाली की चूत मारी जाए, लेकिन किसकी? ये लाख टके का सवाल था और पहले उनके दिल में कामवाली बाई की लड़की को चोदने का ख्याल आया, लेकिन वो अभी बहुत छोटी थी यानि कि 12-13 साल की थी। तो तब ही आंटी का अपने मायके जाना हुआ और वो उनके लड़के को लेकर 5 दिन के लिए अपने मायके चली गयी। अब घर में सिर्फ़ माधव और रीना(उनकी बेटी) रह गये थे।
अब माधव ने पहले ही अपनी कमसिन बेटी की चूत से खिलवाड़ करने की सोच ली थी। फिर वो रात को घर आई तो रीना ने खाना लगा दिया।
अब माधव ने पहले ही अपनी कमसिन बेटी की चूत से खिलवाड़ करने की सोच ली थी। फिर वो रात को घर आई तो रीना ने खाना लगा दिया।
अब वो रोज की तरह ही स्कर्ट टॉप पहने थी, जो उसकी जांघों तक ही थी और आजकल की लड़कियाँ 12 साल की हुई नहीं कि ब्रा बाँधने का शौक उनको लग जाता है, भले ही उनकी छोटी-छोटी चूची इस लायक ना हो कि ब्रा में समा पाए, लेकिन ब्रा बाँधना लड़कियाँ अपनी शान समझती है और ऐसा मेरा मानना है और रीना तो वैसे भी कॉनवेंट में पढ़ने वाली लड़की थी, तो आप सबको पता ही होगा कि वहाँ की लड़कियाँ सेक्स के मामले में अपने घरवालों के कान काटती है। खैर फिर पापा को खाना देने के बाद वो अपने रूम में जाकर पढ़ने लगी, लेकिन अब माधव तो कुछ और ही चाहता था, अब उसने अपने सारे कपड़े उतारकर सिर्फ़ लुंगी लपेट ली थी और रीना को आवाज़ लगाई।
रीना : जी पापा?
माधव : बेटी जरा हाथ पैर दबा दे, आज बदन बहुत दर्द कर रहा है। ये कोई नयी बात नहीं थी और माधव अक्सर ही अपनी बेटी और बेटे से हाथ पैर दबवाता था, हालांकि कई बार उसकी बीवी मना कर चुकी थी कि अब बेटा-बेटी बड़े हो रहे है और उनसे ये काम मत करवाया करो, में जब भी फ्री हूँ मुझे बुला लिया करो, लेकिन माधव नहीं मानता था। खैर तब उसका दिल साफ था, लेकिन आज तो उसके दिल में पाप था।
माधव : बेटी तेल की शीशी भी लेती आना।
रीना : पापा जी आप लेट जाइए और बताइए कहाँ से शुरू करूँ?
माधव : बेटा पहले हाथ में मालिश कर दे।
फिर रीना हाथ पर तेल डालकर कर मालिश करने लगी। अब माधव उसकी चूचीयों को घूर रहा था, लेकिन रीना को ख्याल भी नहीं था, अब उसका पूरा ध्यान मालिश पर लगा हुआ था।
माधव : बेटी, अब जरा पैरो पर भी कर दे।
फिर रीना अपने पापा के पैरों पर मालिश करने लगी और जब घुटनों के ऊपर की तरफ उसके हाथ बढे तो उसे पापा की जांघों के जोड़ के पास यानि की लंड के पास कुछ सनसनाहट सी लगी और पहली बार उसे कुछ शर्म सी आई, क्योंकि वो भी समझ गयी थी की आज पापा ने नीचे कुछ नहीं पहना है और अभी आगे वो जो-जो मालिश करेगी, तो पापा का लंड ऐसे ही उछल कूद मचाता रहेगा।
माधव : बेटी थोड़ा और ऊपर की तरफ अपना हाथ फैरो।
रीना : जी पापा।
अब वो बिल्कुल ऊपर अपना एक हाथ ले जाकर सहलाने लगी थी और अब तो लंड महराज़ ने अपनी उछल कूद और भी बढ़ा दी थी, जिसे वो पापा से नजर बचाकर देख रही थी और माधव भी इस बात को समझ रहा था। फिर अचानक से ही माधव ने अपनी लुंगी हटा दी, जिससे उसका लंड पूरी तरह से तनकर सलामी देने लगा। तो रीना शर्माकर पीछे हट गयी और अपना मुँह दूसरी तरफ फैर लिया।
माधव : क्या हुआ बेटी? आज इसकी भी मालिश कर दो।
रीना : हाए पापा मुझे बहुत शर्म आ रही है।
माधव : अरे बेटी इसमें भला क्या शर्माना? अब तेरी माँ तो यहाँ है नहीं और ये आज अकड़ भी बहुत रहा है, तू मालिश कर दे वरना में रातभर परेशान रहूँगा, तेरी माँ होती तो वो बेचारी मालिश कर देती थी। अब वो 5 - 6 दिन के लिए घर गयी है, तो आज प्लीज तू ही कर दे और फिर मुझसे क्या शर्माना?
रीना : पापा मुझे बहुत शर्म आ रही है, लेकिन अगर आपको तकलीफ़ है तो में अपना मुँह दूसरी तरफ करके आपके इस पर मालिश कर देती हूँ।
माधव : अब तू शर्मा रही है तो रहने दे जा जाकर अपने रूम में सोजा, में झेल लूँगा ओके।
फिर जब रीना ने देखा कि पापा का मूड थोड़ा अपसेट हो गया, तो वो कांपते हाथ से पापा के लंड को पकड़कर बोली कि लाइए में इस पर मालिश किए देती हूँ।
माधव : ये तुने इस पर इस पर क्या लगा रखा है? नाम नहीं पता क्या? और बहुत स्मार्ट बनती है?
रीना : पापा मुझे इसका नाम पता है।
माधव : तो बता क्या कहते है इसे?
रीना : लंड।
माधव : हाँ, तो क्या मैंने तुझे काट खाया? तुने इसका नाम लिया तो, ले पकड़ और ठीक से मालिश कर।
तो फिर रीना अपने पापा के लंड पर मालिश करने लगी, जिससे उनके लंड में और तनाव आने लगा था और अब वो 9 इंच का होकर फनफनाने लगा था।
अब इतनी देर तक लंड पर हाथ फैरने के बाद रीना के बदन में भी सुरसुरी होने लगी थी, हालांकि उसने भी बी.एफ बहुत देखी थी, लेकिन आज तक किसी का नंगा लंड पहली बार ही देख रही थी और अब उसे भी कुछ-कुछ होने लगा था। अब उसका मन कर रहा था की पापा का लंड ऐसे ही सहलाती रहे।
माधव : बस बेटी अब रहने दे, बहुत आराम मिल गया, अब तू भी जाकर आराम कर ले।
हालांकि अब माधव का मन कर रहा था की बेटी को बेड पर पटककर उसकी कमसिन चूत के ऊपर चढ़ जाए, लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हो पा रही थी और रीना का मन भी यही कर रहा था, लेकिन उसकी भी हिम्मत नहीं हो पा रही थी। तो तब माधव बोला कि बेटी ला आज में भी तेरी मालिश किए देता हूँ।
रीना : नहीं-नहीं पापा रहने दीजिए और मेरे हाथ पैर में दर्द भी नहीं है।
माधव : अरे तो क्या हुआ? जब तू छोटी थी तो तेरी मम्मी मालिश करती थी, आज में किए देता हूँ, चल अपना टॉप उतार दे और बेड पर लेट जा और हाँ अब शर्माना बंद कर दे।
फिर माधव ने रीना का टॉप उतार डाला। अब नीचे काली ब्रा में उसकी छोटी-छोटी चूचीयाँ किसी कड़ियल अमरूद की तरह शेप में थी। फिर माधव ने उसको लेटा दिया और उसके पेट पर थोड़ा सा तेल गिराकर अपने हाथ से सहलाने लगे। तो कुछ देर सहलाने के बाद वो बोले कि बेटी अब ये ब्रा अपने हाथ से उतार दो।
रीना : पापा मुझे बहुत शर्म आ रही है, आप खुद ही उतार दो।
माधव : अरे बेटी अब भी शरमा रही है, तू पता नहीं कितना शरमाती है? ला में ही निकाल देता हूँ और फिर माधव ने रीना की ब्रा उतार दी, जिससे रीना की चूची पूरी तरह से नंगी हो गयी और उसकी ब्रा के उतरते ही रीना ने अपने दोनों हाथ अपने सीने पर ले जाकर अपनी नन्ही चूचीयों को छुपाने की कोशिश की, लेकिन माधव ने उसका हाथ हटा दिया तो रीना ने शर्म के मारे अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया।
फिर पापा ने रीना की ब्रा उतारकर जब उसके पेट पर थोड़ा सा तेल डाला, तो बेचारी रीना शर्म के मारे उनसे नजरे नहीं मिला पा रही थी, लेकिन उसके बाप यानि की माधव को कहीं से शर्म नहीं आ रही थी, वो तो आज अपनी नाज़ुक सी बेटी की फूल सी रानी की चूत की बखिया उधेड़ने वाला था।
माधव : बेटी तेरी चूचीयाँ कितनी टाईट हो रही है? अभी इनकी मालिश करता हूँ और फिर माधव ने ढेर सारा तेल रीना की चूची पर गिराकर उस पर अपना एक हाथ फैरने लगा, जिससे रीना को मस्ती आने लगी थी, लेकिन उसका चेहरा अभी भी दूसरी तरफ था। अब उसकी शर्म दूर करने के लिए अंकल ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे और अपना लंड रीना के हाथ में थमा दिया था। फिर जब रीना को एहसास हुआ कि उसके हाथ में कुछ है तो उसने अपना चेहरा उस तरफ करके देखा, तो उसके पापा का लंड उसके हाथ में था और रीना ने आदमी का नंगा लंड पहली बार ही देखा था। अब पापा भी उसकी चूचीयों पर तेल लगाकर मालिश कर रहे थे। अब उसकी चूचीयाँ पहले से ही खड़ी थी और अब थोड़ी सी और टाईट हो गयी थी।
माधव : बेटी अब तुम थोड़ा सा मेरे लंड पर दुबारा से मालिश कर दो, अभी जो तुमने तेल लगाया था सब सूख गया है।
रीना : जी पापा।
फिर रीना पापा के लंड पर तेल लगाने लगी। अब उसका मुलायम हाथ जब माधव के लंड पर रेंगता तो माधव की वासना सातवें आसमान पर पहुँच जाती। अब रीना भी गर्म हो चुकी थी, आख़िर वो भी 16 साल की लड़की थी और आप लोग तो जानते ही है आजकल की लडकियाँ कितनी गर्म होती है? फिर उसने तुरंत ही पापा का लंड पकड़कर रगड़ना शुरू कर दिया।
माधव : बेटी इसे अपने मुँह में लेकर देखो, कितना मज़ा आएगा?
रीना : छी पापा, भला ये भी कोई मुँह में लेने की चीज है?
माधव : बेटी तेरी माँ तो बिना मुँह में लिए एक रात भी नहीं रह पाती, जरा सा लेकर तो देखो।
फिर रीना ने झिझकते हुए पापा के लंड को अपने होंठो पर लगा लिया और चूमने लगी और अभी वो चूम ही रही थी कि माधव ने उसके बाल पकड़कर एक धक्का मारा, जिससे की उनका पूरा लंड रीना के मुँह में चला गया था और वो गूँ - गूँ करने लगी थी, लेकिन अब माधव तो अपनी मस्ती में था, अब वो दनादन अपने लंड को उसके मुँह के अंदर बाहर किए जा रहे थे और अब रीना को भी लंड चूसने में मज़ा आ रहा था। अब वो भी अपने चेहरे को आगे पीछे करके लंड चूस रही थी। फिर तब ही माधव ने अपने दोनों हाथ उसके चूतड़ की तरफ ले जाकर उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी गांड को खोदना शुरू कर दिया, तो वो चीख पड़ी।
रीना : आह पापा क्या कर रहे है? वहाँ पर क्या चुभ रहा है?
माधव : बेटी अभी तो मैंने कुछ भी नहीं किया है बस तेरी गांड जरा सी कुरेदी है, तू जरा पलटकर घूम जा और अब अपनी पेंटी भी उतार दे, फिर देखना तुझे कितना मज़ा आता है?
रीना : नहीं पापा मुझे शर्म आती है।
माधव : बहन की लोड़ी, साली रांड, छिनाल अभी लंड चूस रही थी तो शर्म नहीं आ रही थी? अब शर्म आ रही है, चल पलटकर घूम जा बाकी काम में कर लूँगा।
फिर माधव ने रीना को बेड के सिरहाने की तरफ घुमा दिया और उसके चूतड़ अपनी तरफ खींचकर उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी छोटी सी गांड को सहलाने लगा। अब माधव अपने एक हाथ से उसकी गांड को सहला रहा था और अपने दूसरे हाथ से उसकी चूचीयाँ सहला रहा था और फिर अचानक से ही उसने उसकी पेंटी खींचकर निकाल दी। अब रीना पूरी तरह से नंगी हो गयी थी और उसकी गांड का गुलाबी सुराख माधव को साफ-साफ नजर आ रहा था।
माधव : वाह बेटी तेरी गांड का छेद अभी कितना छोटा है?
अब ये कहकर उन्होंने अपने होंठ रीना की गांड से लगा दिए और रीना की गांड को चूमने लगे और फिर अपनी जीभ उसकी गांड का छेद फैलाकर अंदर डालने लगे थे।
रीना : आहह पापा, प्लीज ऐसा नहीं कीजिए, बहुत गुदगुदी हो रही है।
माधव : बेटी अभी बहुत मज़ा आएगा, तू बस देखती जा।
फिर उसके बाद उसने रीना की गांड का छेद और फैला दिया और अपनी दो उंगलियाँ उसकी गांड के अंदर डालने लगा।
रीना : आआआहह, आाईईईई, पापा प्लीज क्या कर रहे है? उऊईईईई, उउफफफफफफफफ्फ, प्लीज पापा दर्द हो रहा है, लेकिन अब माधव कहाँ मानने वाला था? फिर उसने अपनी दो उंगलियाँ अंदर डालने के बाद अपने होंठ फिर से रीना की गांड पर लगा दिए और अपनी उँगलियों को अंदर बाहर करता हुआ उसकी गांड को काटने लगा। अब रीना का दर्द कुछ कम हो गया था और इस तरह से कुछ देर तक उसकी गांड में उंगलियाँ करने के बाद माधव का लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था और फिर माधव ने अपनी बेटी की गांड मारी और उसने अभी तक उसकी चूत देखी भी नहीं थी, क्योंकि वो गांड का दीवाना था और अपनी बीवी की भी गांड ही ज़्यादा मारता था और पहली बार गांड मरवाने में रीना को भी मजा आया।
धन्यवाद …
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