जीजा ने गोद में उछाल उछाल कर चोदा
हेलो दोस्तो मेरा नाम हनीप्रीत है मैं जलंधर की रहने वाली हूँ और बड़ी बहन की शादी दिल्ली में हुई है कुछ महीने पहले दीदी को बच्चा होने वाला था इसलिए मुझे उनकी सेवा करने के लिए जाना जरुरी था। मेरा भाई मुझको ट्रेन में बिठा दिया और जब मैं दिल्ली पहुची तो मेरे जीजा मेरा इंतजार कर रहे थे वो एक सरकारी ओफिस में काम करते है जैसे ही मैं ट्रेन से उत्तरी जीजा ने मेरा जोरो का स्वागत किया मुझे सबके सामने ही गाल और ओंठो पर पप्पी ले ली मैं शर्म से पानी पानी हो गयी।
में ठीक हूँ …जीजा जी, पर आप अपना बताएं। आप कैसे है?” मैंने हँसते हुए पूछा, मैंने चुस्त जींस टॉप पहना हुआ था टॉप काफी चुस्त थी, जिसमे मेरे मम्मे किसी टेनिस बाल की तरह नजर आ रहे थे जीजा जी काफी देर तक स्टेशन पर इधर उधर की बातें करते रहे। और बार बार मेरे मम्मे घूरते रहे। जब मैं पिछले साल दीदी के घर आई थी तो जीजा जी ने मुझे प्यार से चोदा था उस चुदाई के पल आज भी मेरे दिल दिमाग में कैद है और किस्मत से इस बार भी मैं जीजा के घर आ गयी मैं ये बात बार बार नोटिस कर रही थी की अगर रेलवे स्टेशन खाली होता, वहां कोई नहीं होता तो शायद जीजा मुझे वही चोद देते। पर दिल्ली के स्टेशन पर तो बहुत जादा भीड होती है इसलिए जीजा वहां कुछ नही कर पाए पर वो बार बार मेरे 36 साइज़ के बूब्स, 28 की कमर और 36 की गांड बार बार घूर घूर के देख रहे थे।
उन्होंने मुझे मेरा बैग भी नही उठाने दिया और तुरंत अपने ताकतवर हाथों से मेरा भारी ट्रेवलिंग बैग उठा लिया ‘अरे रहने दीजिये जीजा जी !!! मैं अपना बैग खुद उठा लूंगी!!’ मैंने कहा
‘हनीप्रीत !! मेरी जान साली जी से काम नही कराया जाता उसे तो पलकों पर बिठाकर रखते है!!’ वो बोले और हँसकर मेरा भारी बैग उठा लिया। मुझे उसकी ये अदा बहुत अच्छी लगी हम दोनों जीजा साली सीढियों से चलकर बाहर आ गए। जीजा अपनी कार लाये थे हम दोनों अंदर बैठ गये अंदर बहुत गर्मी थी। मेरी बेचैनी देखकर जीजा जी ने ऐ सी ओन कर दी और कुछ ही देर में अंदर ठंडा हो गया मैंने जीजा जी से पिछले साल खूब चुदवाया था इसलिए आज आमने सामने आने पर नजरे नही मिला पा रही थी। मैंने मारे शर्म हया के कार की खिड़की से दूसरी तरह बाहर की तरह देखने लगे। तभी अचानक मेरे गाल पर जीजा जी के मस्त मस्त होठो से चुम्मी दे दी। मेरा तो जैसे रंग ही उड़ गया था।
‘साली जी ! आई लव यू वैरी मच!!’ जीजा बोले मैंने कोई जवाब नही दिया। पर मेरे गाल और ओंठ और भी बार उनका चुम्बन चाहते थे मैंने बस जीजा की तरह आँखों से देखने शुरू कर दिया जीजा जी समझ गए की पिछले साल की तरह इस साल भी साली चूत देगी इसकी मस्त गुलाबी चूत में लंड देने को इस बार भी पिलेगा। जीजा जी जान गए उनके चेहरे की रंगत बता रही थी की वो बहुत खुश नजर आ रहे थे। बिलकुल हीरो जैसे दिखने के कारण मैं जीजा जी से प्यार करने लगी थी उन्होंने कार में चाभी लगाई और कार स्टार्ट करी फिर हम दोनों घर की ओर चल पड़े। दिल्ली के साउथ एक्सटेंसन में दीदी का घर है कोई बड़ा बागला नही है सिर्फ 60 गज का मकान है पर 4 मंजिला बना हुआ है और अंदर से अच्छा बना है जब हम जीजा साली घर पहुचे तो दीदी से मुझे गले लगा लिया
‘छोटी !! यहाँ आने के लिए थैंक्स!!’’ दीदी बोली।
उन्होंने तुरंत मेरी सेवा सत्कार शुरू कर दिया जीजा जी से मिठाई लाने को कहा तो वो बजार से ढेर साड़ी चीजे ले आए दीदी को अभी 20 - 25 दिन में बच्चा होने वाला था पर एक लेडीज की जरुरत उनके पास थी जो बराबर उनका ध्यान रख सके क्यूंकि डॉक्टर ने बताया था की कभी भी लेबर पेन शुरू हो सकता है काई बार तो गर्भवती औरत का वाटर बैग फट जाता है इसलिए जीजा जी ने मुझे बुला लिया था कभी भी बच्चा हो सकता था रात में मैं दीदी के कमरे में ही सो रही थी जीजा जी मुझसे मिलना चाहते थे उन्होंने मुझे मिस्काल दी मैं समझ गयी जीजा जी मेरी याद कर रहे है मैंने दीदी की तरह देखा वो गहरी नींद में सो रही थी मैं बड़ी धीरे से उठी और बाहर चली गयी।
2 कमरे छोड़कर जीजा का कमरा था जैसी ही मैं उनके कमरे में गयी वो उपर कुछ नही पहने थे। नीचे सिर्फ अंडर वियर पहने थे उन्होंने मुझे गले से लगा लिया।
‘साली जी !! आपकी बड़ी याद आई’’ जीजू बोले और मेरे गुलाबी ओठो पर एक के बाद एक चुम्मा लेने लगे मैंने कुछ नही कहा क्यूंकि मैं भी उनसे रोमांस करना चाहती थी पिछले बार किस तरह से उन्होंने मुझे खड़े होकर गोद में उठा लिया था और किस तरह से उछाल उछालकर चोदा था दोस्तों वो पुरानी सुनहरी यादें फिर से ताज़ी हो गयी। मैंने खुदको उनके हवाले कर दिया। मेरी दीदी गहरी नींद में सो रही थी इसलिए कोई टेंसन नही थी आज फिर इसी तरह का कुछ होने वाला था ये तो मैं जानती थी जीजा जी ने मुझे बाहों में कस लिया और धड़ाधड़ चुम्मा देने लगे। मैंने कुछ नही कहा मैंने सलवार सूट पहन रखा था। जीजा के हाथ मेरे टेनिस बाल जैसे गोल गोल मम्मो पर जाने लगे और वो जोर जोर से दबाने लगे ‘साली जी !! आई लव यू!!! साली जी आई लव यू!!’ वो बार कह रहे थे। फिर दोस्तों खड़े खड़े ही उन्होंने मेरे छोटे छोटे नाजुक होंठो पर अपने होठ रख दिए और बिना रुके पीने लगे जीजा की सासों की महक मेरे तन मन में समा गयी।
वो किसी आशिक की तरह मेरे गुलाबी होठ पीने लगे तो मैं भी चुदासी हो गयी मैं भी गर्म हो गयी मैं भी मुँह चलाने लगी और उनके होठ पीने लगी मैंने भी उपर से बिना कपड़ों के जीजा जी को दोनों हाथो से जकड़ लिया हम दोनों जीजा साली एक दुसरे का गर्मागर्म चुम्बन लेने लगे इससे हम दोनों की चुदसे हो गये। जीजा को मेरी चूत चाहिए थी और मुझे उनका मोटा लौड़ा खूब देर बाद मैं खुद को रोक न सकी। मेरा हाथ उनके फ्रेच अंडरविअर पर चला गया। मैंने अंडरविअर के उपर से उनके मोटे मूसल जैसे लौड़े पर हाथ रख दिया और जोर जोर से सहलाने लगी और हाथो से रगड़ने लगी मैं ये कारनामा उनको अपने मस्त मस्त होठ पिलाते हुए कर रही थी।
‘जोर जोर से सहलाइए साली जी! अच्छा लग रहा है !!’ जीजा बोले
तो मैंने जोर जोर से अंडरविअर के उपर से उनका लंड सहलाने लगी मेरे मुलायम हाथों की छुअन से जीजा का लंड और भी जादा कड़क हो गया दोस्तों मुझसे रहा न गया मैंने नीचे फर्श पर घुटनों के बल बैठ गयी और जीजा का फ्रेंच अंडरविअर मैंने दोनों हाथो से नीचे खीच दिया तुरंत ही वो हॉट डॉग खड़ा होकर टनटना गया जीजा के खूबसूरत सफ़ेद लौड़े को देखकर मैं खुद को रोक न पाई और मुँह में लेकर चूसने लगी जीजा को बड़ी मौज आई। मैंने उपर देखा तो वो आँखें बंद करके उपर सर किये हुए थे और मजे से मुझसे चुसवा रहे थे।
ये देखकर मैं और भी जादा गर्म और चुदासी हो गयी और किसी सेक्स की पुजारिन की तरह जोर जोर से अपने पुरे सिर को जीजा के लौड़े पर आगे पीछे करने लगी जीजा मजे से मुझसे चुस्वाने लगे। मैंने गले के अंदर तक उनका लौड़ा डाल रही थी और किसी लोलीपॉप की तरह चूस रही थी। जीजू का लंड बड़ा बड़ा, बहुत रसीला और बहुत जूसी था ये मेरे लिए स्वर्ग के दरवाजे पर पहुचने जैसी बात थी।
मैं जोर जोर से उनके लौड़े को मुँह में भरकर चूस रही थी फिर बीच बीच में उनका लंड निकाल कर उससे खेलती थी। मुँह और आँखों पर जीजू के लंड से प्यार से थपकी देती थी।
‘चूसिये साली जी !! और भी कस कसके चूसिये!!’ जीजा बोले
मैं और भी जादा रोमानचित हो गयी और जोर जोर से उनका लौड़ा चूसने लगी जीजा जी की 2 काली काली गोलियां भी बड़ी हो गयी और कड़ी हो गयी। आधे घंटे तक मैं जीजू का लंड चूसती रही। जब खड़ी हुई तो जीजा ने मुझे गले से पकड़ लिया और मेरे ओंठ पीने लगे। मेरा ओंठों पर उनका माल चुपड़ा हुआ था अब जीजा नीचे जमीन पर बैठ गये और मेरे सलवार का नारा खीच दिया। मेरी सलवार निकाल दी फिर खड़े होकर मेरा सूट निकाल दिया जीजा एक बार फिर से निचे जमीन पर बैठ गये और पेंटी उतारने लगे।
इतने देर से मैं जीजा का लंड चूस रही थी इसलिए मेरी पेंटी मेरे माल से गीली गीली हो गयी थी। जीजा ने पेंटी खीचकर उतार दी और मेरा एक पैर उठा कर निकाल दी मेरी गीली माल से तर चूत उनके मुँह के सामने थी जीजा मेरी चूत पीने लगे। मैं सिसक गयी जीजा के ओंठ मेरी चूत के होठो पर दौड़ने लगे मैं मचलने लगी वो लपर लपर करके अपनी बड़ी सी कुत्ते जैसी जीभ को पूरा निकालकर बड़ी शिद्दत से मेरी चूत का पान करने लगे उसे पीने लगे मुझे बहुत अच्छा लगने लगा बड़ा मजा आने लगा जीजा मस्ती से अपने घुटनों के बल बैठकर मेरी चूत पी रहे थे मेरे दोनों हाथो को उन्होंने पकड़ रखा था।
‘जीजू!! मजा आ रहा है पर आपकी जीभ मेरे चूत के उपर उपर ही काम कर रही है अंदर नही जा रही है’’ मैंने सिकायत की।
जीजा अब मेरी चूत को उँगलियों से खोल खोलकर पीने लगे इससे मुझे चरम सुख मिलने लगा। वो किसी कुत्ते की तरह मेरी चूत पी रहे थे मेरे पुरे शरीर में कम्पन हो रहा था मेरा शरीर काँप रहा था मैं आप लोगो को बता नही सकती हूँ की कितनी मौज आ रही थी। फिर जीजा ने अपनी 1 उँगलियाँ मेरी चिरी हुई चूत में डाल दी मैं 2 फुट उपर उछल गयी ‘आह….’’ मैंने आहें भरी और मुँह खोल दिया जीजा मेरी चूत में ऊँगली देने लगे। मुझे लगा की मैं स्वर्ग में टेलीपोर्ट हो गयी हूँ जीजा जी चुदाई में बड़ी महारथ रखते थे ये बात मैं जानती थी। क्यूंकि मैंने उनका और उनके लौड़े का हुनर देखा था उनके पास चुदाई की एक से बढ़कर एक ट्रिक थी हर बार वो नई स्टाइल से ठुकाई करते थे आज फिर से कुछ नहा होने वाला था इतना मुझे विश्वास था हर बार वो मुझे बिस्तर पर लिटाकर नही चोदेंगे ये बात तो मैं जानती थी जीजा अपनी उँगलियों से मेरी चिरी चूत को जल्दी जल्दी फेटने लगे और जीभ लगाकर किसी कुत्ते की तरह मेरी चूत चाटने भी लगे। मुझे बहुत सुख मिलने लगे फिर जीजा ने कुछ हटकर किया खड़े खड़े ही मेरे दूध दबाने लगे और मुँह में भरके पीने लगे।
मुझे बहुत अच्छा लगने लगा कितना मीठा मीठा अहसास था।
जीजा ने मेरे 36 साइज़ के बुब्बू को पूरा का पूरा मुँह में भरने की कोशिश की पर कामयाब नही हुए पर फिर भी उन्होंने 80 परसेंट छाती को मुँह में भर लिया था और मस्ती से पी रहे थे दुसरे हाथो से वो मेरे दुसरे मम्मे को सहला और दबा रहे थे।
‘जीजू!! अब मुझे चोदिये!!….वरना मैं मर जाऊँगी! मैं आपके लौड़े की प्यासी हूँ जल्दी से मेरी चूत में लंड दे दीजिये वरना मैं मर जाऊँगी!!’ मैंने कहा ये देखकर जीजा ने मेरे दूध पीना बंद कर दिया उन्होंने मेरी कमर पर हाथ रखा और एक ही झटके में मुझे अपनी गोद में उठा लिया मैंने अपने दोनों पैर जीजा की कमर पर फसा दिए और गोल गोल लपेट लिए जिससे मैं कहीं चुदवाते चुदवाते नीचे न गिर जाऊ जीजा ने मुझे उचका कर मेरी चूत में लौडा दे दिया मैंने उनको दोनों कंधे से कसके बाहों में भर लिया जीजू मुझे उछाल उछालकर गचागच चोदने लगे मेरे काले चमकीले रेशमी बाल हवा में किसी लता की तरह लटकने लगे। जीजा का लंड गहराई से मेरी चूत में घुसकर मेरी चूत मार रहा था।
जीजू मुझे गोद में उठाकर खड़े खड़े चोद रहे थे मैं उनके हट्टे कट्टे जिस्म पर मैं किसी छोटी बच्ची की तरह लग रही थी जीजा हपा हप करके मुझे चोद रहे थे वो मुझे बड़ी जोर जोर से उछाल उछाल कर चोद रहे थे जिस तरह से लोग अपने बच्चो को उछाल उछालकर खिलाते है, ठीक उसी तरह जीजा मेरी चूत में लंड खिला रहे थे फिर अचानक से वो मुझे बड़ी जोर जोर से चोदने लगे मेरे दोनों टेनिस साइज़ के गोल गोल बूब्स हवा में बड़ी जोर जोर से उछलने लगे जीजा ने मेरी कमरतोड़ चुदाई कर दी फिर जीजू से मेरे दूध को मुँह में भर लिया और उसे दांत से काटते काटते मुझे पेलने लगे।
इससे मेरी चूत में चिंगारियां सुलगने लगी। जीजा का मुसल जैसा 12 इंची लौड़ा बड़ी मजे से मेरी चूत की कुटाई कर रहा था फिर कुछ देर बाद जीजू ने अपना गर्म गर्म ज्वालामुखी मेरी चूत में छोड़ दिया 3 बार चुदकर मैं दीदी के कमरे में लौट आई 4 दिन बाद दीदी का वाटर बैग फूट गया। और घर पर ही उनको एक स्वस्थ लड़का हुआ उस दिन जीजा बहुत खुश थे रात में उन्होंने लड़का होने की खुशी में मुझे फिर चोदा तो यह थी मेरी कहानी आप लोगो को केसी लगी जरूर बताना।
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