स्कूल में चुदवाते हुए पकड़ी गयी
प्रेषक:- रुचिका
दोस्तौ मेरा नाम रूचिका है मैं कलकत्ता की रहने वाली हूँ मैं दिखने में दूध जैसी गोरी हूँ और मेरा फिगर ऐसा है कि अच्छे अच्छे लड़को का लंड खड़ा हो जाता है मैं 11th में हूँ | दोस्तों, वैसे तो मैं बिगड़ी हुई हूँ और मैं 11th में आते आते कई लंड अपनी चूत में ले चुकी हूँ मुझे बड़े और मोटे लंड वाले लड़के हो या आदमी बहुत पसदं है चलिए मैं आप लोगो को ज्यादा नहीं पकाऊंगी और सीधा कहानी पर आती हूँ।
ये घटना 2 साल पहले की है तब ही मेरी पहली चुदाई हुई थी पर मैं अपनी चूत में कुछ न कुछ डालती रहती थी मेरी चुदाई मेरे बॉयफ्रेंड के दोस्त ने की थी मेरा एक बॉयफ्रेंड था जिसका नाम महेश था वो मुझसे बहुत प्यार करता था पर मैं नहीं करती थी क्यूंकि उसके पास पैसा रहता था इसलिए मैं उससे पटी थी एक दिन उसने मुझसे कहा कि मैं तुम्हे चोदना चाहता हूँ तो मैंने कहा चोदेगा? तो उसने कहा कि स्कूल की छत पर चलते हैं मैंने बोला ठीक है।
गेम्स के पीरियड मे गेम न खेल के हम अब एडल्ट गेम खेलने वाले थे जैसा प्लान हुआ था वैसा ही हुआ मैं स्कूल की छत पर चली गयी बाकि सारे बच्चे खेलने चले गये थे 5 मिनट के बाद महेश आया और मुझे अपनी बांहों में भर कर किस करने लगा था तभी मेरी नजर सूरज पर पड़ी तो मैं महेश से अलग हुई और उसे कहा कि ये यहाँ क्या कर रहा है? तो महेश ने जवाब दिया कि वो ये देखने के लिए यहाँ आया है कि कोई हमे चुदाई करते देख न ले तो मैंने कहा ठीक है और महेश फिर मेरे होंठो में अपने होंठ रख कर किस करने लगा मैं भी उसका साथ देने लगी वो बहुत अच्छी किसिंग कर रहा था और मैं भी मदहोश हुए जा रही थी फिर उसने मेरी शर्ट खोली और ब्रा ऊपर कर के मेरे दूध पीने लगा मझे अच्छा लग रहा था उसका ऐसा करना जिस वजह से मैं सिस्कारिया भर रही थी वो बहुत जोर जोर से मेरे दूध को पी रहा था और मैं अहहह आआहाआअ उऊंन्ह्ह कर रही थी।
दूध पीने के बाद मैंने अपनी पेंटी उतारी और उसे अपनी चूत चाटने का इशारा किया। तो वो झट से मेरी चूत सहलाते हुए उसे चाटने लगा वो बहुत अच्छे से मेरी चूत को चाटने लगा था तभी मेरी नजर सूरज पर पड़ी शायद वो भी हमारी चुदाई देख कर गरम हो चुका था ओर अपना लंड पेन्ट से निकाल कर मुठ मार रहा था मैं उसका लंड देख कर ये सोच रही थी कि काश ऐसा लंड महेश का भी होता।
उसने मेरी चूत बहुत अच्छे से चाटा फिर मैंने उसका लंड उसके पेन्ट से निकाला तो मैं बहुत गुस्सा हो गयी उसका लंड 5 इंच का ही था और वो भी खड़ा था उसका लंड। मैंने उसे हटाते हुए कहा कि अबे तेरा लंड तो बच्चो वाला है मैं ऐसा लंड अपनी चूत में नहीं डालूंगी तो वो बहुत मिन्नतें करने लगा पर मैं नहीं मानने वाली थी मैं बहुत गरम हो गयी थी तो मैंने सूरज से कहा सूरज मेरी चूत तू मार ले तेरा लंड अच्छा है इस बच्चे के जैसे लंड वाले से मैं नहीं चुदवाउंगी फिर महेस सूरज की जगह चला गया और मैं सूरज का लंड मुंह में ले कर चूसने लगी सूरज का लंड सच में बहुत अच्छा था मुझे उसका लंड पीने में बहुत मजा आ रहा था और महेश वही खड़ा हो कर मुठ मारने लगा फिर सूरज ने मुझे वही पर लेटाया और अपना लंड मेरी चूत में डाल कर चोदने लगा।
वो बहुत शानदार चुदाई कर रहा था। मैं जोर जोर से आहहाआअ अहाआऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ कर रही थी और वो जोर जोर से मेरी चूत में झटके मार मार के चोद रहा था फिर उसने अपना वीर्य मेरी चूत में ही निकाल दिया था मुझे महेश पर बहुत तरस आ रहा था पर मैं क्या करती उसका लंड मेरे हिसाब का नहीं था
उसके बाद महेश और मेरी बात होना बंद हो चुकी थी मैं अब सूरज से चुदवाती थी क्यूंकि उसका लौड़ा बड़ा था। फिर एक दिन ऐसा हुआ कि मैं केमिस्ट्री में फैल हो गयी और मैं अपना फेल का रिजल्ट नहीं चाहती थी क्यूंकि मेरे पापा बहुत स्ट्रिक्ट थे और वो मेरी गांड तोड़ देते। इसी डर से मैं केमिस्ट्री वाले सर के पास गयी। सर कुछ काम कर रहे थे तो मैं वेट करने लगी फिर सर जब फ्री हुए तो उन्होंने कहा कि हाँ बेटा बोलो क्या हुआ? स्कूल की तो छुट्टी हो चुकी है तुम अब तक घर नहीं गयी? तो मैंने सर से कहा कि सर। मुझे आपसे बात करनी है तो सर ने जवाब दिया हाँ कहो क्या केहना है?
तो मैंने कहा कि सर मुझे बहुत कम नंबर मिले हैं आपके विषय में तो सर प्लीज मुझे पास कर दीजिये न तो सर ने कहा कि बेटा ऐसा नहीं हो सकता है अब मैं कैसे बढ़ा सकता हूँ नंबर ? जैसा तुमने पेपर किया था वैसा ही तुम्हे परिणाम मिला है
मैंने रोते हुए सर से कहा कि सर प्लीज मुझे पास कर दीजिये आप जो बोलेंगे मैं वो सब करने के लिए तैयार हूँ ? तब तक सर कि भी आँखे चमक गयी भले ही सर शादीशुदा थे पर मुझे अपने मार्क्स से मतलब था तो सर ने मुझे अपने पास बुलाया और अपनी जांघ में बैठने का इशारा किया तो मैं उनकी जांघ पर बैठ गयी और उनके कंधे में हाँथ रख लिया सर भी गरम हो गये थे तो वो मेरे दूध दबाते हुए मुझे किस करने लगे मैं भी सर का साथ किस करने में देने लगी और जोर जोर से किस करने लगी फिर सर ने मेरे शर्ट के बटन खोले और मेरे ब्रा के ऊपर से ही मेरे दूध दबाने लगे मैं भी मदहोश होने लगी सर मेरे दूध दबाते जा रहे थे और फिर एक हाँथ से सर ने मेरे मार्क्स बढ़ा दिए और मैं पासिंग मार्क्स से पास हो चुकी थी मैं बहुत खुश हो गयी और सर को अपने दूध निकाल के पीने के लिए कहा तो सर भी जोर जोर से मेरे दूध पीने लगे। कुछ देर सर ने मेरे दूध बहुत अच्छे से चूसे और फिर उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला। मैं सर का लंड देख के चौंक गयी क्यूंकि उनका लंड बहुत बड़ा और मोटा था। फिर मैं उनके लंड को हिलाते हिलाते हुए चूसने लगी।
मैं सर का लंड बहुत जोर जोर से चूस रही थी कि तभी हमारे स्कूल के चौकीदार ने हमे ये सब करते हुए देख लिया मेरी गांड फट गयी तो मैंने जोर जोर से रोते हुए उसके पास पंहुच गयी मुझे कुछ भी कहने कि जरुरत नहीं थी सब कुछ वो रोने से समझ गया था फिर उसने आवाज़ लगाते हुए पूरे स्टाफ को बुला लिए और सर को पुलिस के हवाले कर दिया गया सब कुछ मेरे हाथ में था मैं चाहती तो सर को बचा सकती थी पर मैंने ऐसा कुछ न करना ही ठीक समझा क्यूंकि अगर मैं उनको बचाती तो शायद मैं ही गलत हो जाती इस वजह से सर को जेल हुई और उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था।
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